Negative interference stop No Further a Mystery



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उस पात्र का जल २४ घण्टे बाद किसी वृक्ष पर चढ़ा दें। 

साधना के दौरान सभी तांत्रिक विधियों का पालन करें।

तेल, सुगन्ध, साबुन, पाउडर आदि का उपयोग न करें। 

तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास।

साधना में बताए गये अनुष्ठान के दिनों तक बिना आलस्य के  प्रतिदिन जप अवश्य करें। 

पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।

साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें। 

मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।

मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि

इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है website या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।

एते विज्ञानं अहिन न नगयो। मोहि करेत्साराकुठीतिलसकम सरुपद्रे।

विचार शुद्ध करने के लिये : विचार शुद्धि के लिए मंत्र...

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